
धरमजयगढ़- दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। सोमवार को संसद की ओर मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद मंगलवार को भी यह मामला चर्चा में बना रहा। इस बीच सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई के कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाते और सुरक्षाकर्मियों द्वारा बल प्रयोग करते हुए देखा जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस और RAF के जवानों ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों, युवाओं और महिलाओं पर लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया तथा उन्हें जबरन हटाया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान कई लोग घायल हुए। वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई की तीखी आलोचना भी की जा रही है। हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित सभी वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, पुलिस का पक्ष है कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित स्थान और बैरिकेडिंग को पार करने की कोशिश की तथा स्थिति बिगड़ने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों पर पथराव और हिंसा के आरोप भी लगाए गए हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच आंदोलन से जुड़े अभिजीत दिपके जंतर-मंतर पर धरने पर बने हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग की जा रही है। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है।
जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शन जारी है। सोमवार की झड़प और मंगलवार को वायरल हुए वीडियो के बाद अब पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस तेज हो गई है। पूरे मामले में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के दावों के बीच वास्तविक स्थिति जांच और उपलब्ध वीडियो फुटेज की निष्पक्ष पड़ताल के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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