
धरमजयगढ़-छत्तीसगढ़। देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर में छत्तीसगढ़ का युवा इनेश कुमार पिछले 8 दिनों से भूख हड़ताल और मौन व्रत पर बैठा हुआ है। बताया जा रहा है कि वह शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन में शामिल है। लगातार अनशन के कारण उसकी तबीयत बिगड़ती जा रही है, जिससे उसके समर्थकों और प्रदेशवासियों में चिंता बढ़ गई है।
एक ओर सरकार युवाओं के हितों और विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ का एक युवा अपनी मांगों को लेकर राजधानी में जीवन दांव पर लगाने को मजबूर है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर उसकी आवाज जिम्मेदारों तक क्यों नहीं पहुंच रही और अब तक उसकी मांगों पर गंभीर पहल क्यों नहीं हुई।
प्रदेश के लोगों का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन और अपनी बात रखने का अधिकार हर नागरिक को है। यदि कोई युवा लगातार कई दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठा है, तो उसकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ संवाद होना चाहिए। अब सबकी नजर इस बात पर है कि संबंधित सरकार और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या इनेश कुमार की मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
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