
धरमजयगढ़- नगर पंचायत क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से लगाई गई स्ट्रीट लाइटें (ट्यूबलर) कई वार्डों में लंबे समय से बंद पड़ी हैं। रात होते ही कई सड़कें अंधेरे में डूब जाती हैं, जिससे आम नागरिकों, महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य स्वीकृत एस्टीमेट और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। उनका कहना है कि कई स्थानों पर घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण कुछ समय बाद ही स्ट्रीट लाइटें बंद होने लगीं। लोगों का यह भी आरोप है कि स्थापना कार्य की गुणवत्ता और रखरखाव दोनों में गंभीर लापरवाही बरती गई है।
धर्मजयगढ़ कॉलोनी से शाहपुर कॉलोनी चौक तक सड़क किनारे लगी कई स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। बारिश के मौसम में इस मार्ग पर घना अंधेरा रहने के कारण स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अंधेरे की वजह से दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बढ़ गई है।
क्षेत्र में केंद्र, राज्य और नगर पंचायत—तीनों स्तर पर भाजपा की सरकार होने के बावजूद नगर की मूलभूत सुविधाओं की ऐसी स्थिति पर लोग सवाल उठा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि नियमित निगरानी और रखरखाव किया जाता, तो करोड़ों रुपये की सार्वजनिक राशि से किए गए कार्य इस स्थिति में नहीं पहुंचते।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे कार्य की तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए, यह पता लगाया जाए कि स्थापना स्वीकृत एस्टीमेट एवं गुणवत्ता मानकों के अनुसार हुई या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या घटिया स्थापना की पुष्टि होती है, तो संबंधित ठेकेदार, जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू कराया जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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