
बस्तर, छत्तीसगढ़।
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में आज सुरक्षा बलों को नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में एक बड़ी कामयाबी मिली है। करीब ₹25 लाख के इनामी नक्सल कमांडर पापाराव और उनके 18 साथियों ने हथियारों के साथ औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया है, जिसे राज्य में नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण विकास बताया जा रहा है।
इस घटना के दौरान सभी नियंत्रण रेखा पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने हथियार समेत पेश हुए, जिनमें AK-47 जैसे आधुनिक शस्त्र भी शामिल थे, और इन्हें जब्त कर लिया गया है।
आत्मसमर्पण की पृष्ठभूमि
पापाराव, जिन्हें बस्तर का एक प्रमुख नक्सली कमांडर माना जाता था और जिनके सिर पर ₹25 लाख का इनाम था, ने लंबे समय तक आदिवासी इलाकों में वामपंथी अतिवादी गतिविधियों का नेतृत्व किया था।
सरेंडर के दौरान उन्होंने बताया कि वह अब संघर्ष को छोड़ मुख्यधारा में वापस लौटना चाहते हैं, और यह कदम नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता का प्रतीक है।
नक्सल विरोधी अभियान को मजबूती
इस आत्मसमर्पण को राज्य सरकार और सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया जा रहा है। साथ ही विश्लेषकों का मानना है कि इससे बस्तर में नक्सली गतिविधियों की संगठनात्मक क्षमता कमजोर होगी और अन्य नक्सलियों के आत्मसमर्पण के अवसर भी बढ़ेंगे।
अधिकारियों का बयान
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षाबलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कदम को नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया है। उन्होंने कहा है कि पापाराव जैसे शीर्ष नक्सली नेता का आत्मसमर्पण बस्तर क्षेत्र में शांति बहाली के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
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