
धरमजयगढ़ -धरमजयगढ़ S.E.C.l को धर्मजयगढ़ में दुर्गापुर टू खदान लगभग 1670 हेक्टेयर भूमि कास्ट माइंस के लिए केंद्र व सरकार द्वारा 2014 तक भूमि पर से समस्त अधिकार पाने के उपरांत स्थानीय विरोध के कारण अब तक चालू नहीं हो पाया अब जाकर प्रभावित किसान समिति प्रदान करने राजी हो रहे हैं ।
प्रस्तावित परियोजना में ग्राम दुर्गापुर कॉलोनी धरमजयगढ़ शाहपुर कॉलोनी कुल भूमि 4144 एकड़ भूमि अधिकृत है।जिसमें राज्यसभा भूमि क्रमांक 28 ,01 ,32 ,150 ,1980 ,370 ,786एकर भूमि है तथा छोटे झाड़ बड़े झाड़ की भूमि 252 हेक्टेयर संबंधित है ।फूल प्रभावित ग्रामों में लगभग 2000 से 2022 परिवार प्रभावित हो रहे हैं ।
पूर्व वेदांत व D.V कंपनी C (प्राइवेट ) के नुमाइंदों के अग्र प्रतिनिधियों के द्वारा भारी भरकम सेवा शुल्क प्रदान की थी । तथा कई प्रतिनिधि इस सरकारी कंपनी से भी सेवा शुक्ल प्रदान को थी। तथा 10 वर्ष से विरोध जाता रहे हैं । जब इन्हें कुछ ना पाने / मिलने की उम्मीद न होने पर अब कंडीशन रख समर्थन करने के लिए कंपनी को दे रहे।
प्रभावित किसान परिस्थितियों से अभिभूत होकर भारी नुकसान का अनुमान के बाद इन सेवा शुल्क धारियों के दरकिनार करते हुए सूत्रों के अनुसार,तराईमार और बायसी के किसान जमीन देने के लिए पूर्ण सहमति देने बैठक कर राजी हो गए तथा धर्मजयगढ़ कॉलोनी के प्रभावित किसान में 90% किसान दबे पांव में S.E.C.Lको जमीन देने की बात कर रहे हैं । तथा कुछ स्वार्थी लोग अपने हित साधने के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच के प्रति समर्थन समिति ना देने की दबाव बना रहे हैं।एक गांव के किसान खुलकर सामने आ गए पहले s.e.c.l की कोई मुख्यालय गया काम नहीं बना तो स्थानीय लोगों व गांव वालों पर दबाव बनाकर जमीन न देने की बात कर रहे हैं एक समय इन्हीं लोगों ने में से कुछ लोग डी.वी पावर को समर्थन देने आगे आए थे ।
कोल कंपनी के द्वारा धीरे-धीरे कंपनी चल चलते हुए धारा 21 - 22 तक हो चुका है । प्रभावित लोगों को खदान विलम्ब से चालू व नुकसान के मापते हुए अब जमीन देने के लिए राजी हो रहे हैं । प्रभावित किसानो के कंपनी द्वारा नियमों की तहत् दी जान जाने वाली सुविधा मुआवजा आदर्श पुनर्वास नीति व्यवस्थापन रोजगार के संबंध में कार्यवाही करने चाहिए ।
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