
"अंग्रेजों की गुलामी वक्त अंग्रेज शासक द्वारा "गॉड सेव द क्वीन" "गाया जाने आदेश जारी हुआ था, इससे क्षब्ध होकर देश प्रेमी क्रांतिवीर महान गीतकार बंकिम चंद चट्टोपध्याय "वंदे मातरम गीत" रच दिया तथा इस गीत की धुन नोबेल पुरस्कार प्राप्त "गीतांजलि" की रचयिता रविंद्र नाथ टैगोर ने दी। पहली बार 1886 में यह गीत कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गीत गाया गया था, जो 14 अगस्त 1947 रात्रि 12:00 बजे के बाद संविधान सभा की पहली बैठक का प्रारंभ वंदे मातरम' के साथ हुआ जिसका इस साल 150 वर्ष पूरे हुए । बंकिम दा को शत शत - शत नमन।
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