
धरमजयगढ़ - विजयदशमी के दिन हुई एक संदिग्ध मौत ने पूरे धरमजयगढ़ क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। थाना क्षेत्र के खम्हार गांव के एक सड़क हादसे के बाद, मृतकों के साथ गए युवक की भी रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण शव लेकर धरमजयगढ़ मुख्यालय पहुंचे और एसडीएम–एसडीओपी से न्याय की मांग की।
2 अक्टूबर (विजयदशमी) को खम्हार गांव में एक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी।दोनों शवों को संजीवनी वाहन (108 एम्बुलेंस) से धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल लाया जा रहा था। शवों के साथ गांव का ही युवक नरेश राठिया बतौर अटेंडर एम्बुलेंस में बैठा था, लेकिन वह अस्पताल नहीं पहुंचा। करीब 20 मिनट बाद, नरेश राठिया घायल अवस्था में डॉयल 112 की टीम के साथ धरमजयगढ़ अस्पताल पहुंचा — जहां उसकी भी मौत हो गई।
ग्रामीणों के उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है —> “नरेश 108 वाहन में बैठा था, फिर वह 112 में कैसे पहुंचा? बीच के 20 मिनट में क्या हुआ?” इस रहस्यमय घटनाक्रम ने ग्रामीणों के बीच संदेह और गुस्सा दोनों को जन्म दे दिया है।
धरमजयगढ़ मुख्यालय मे गहमा-गहमी घटना के बाद सैकड़ों ग्रामीण शव लेकर धरमजयगढ़ मुख्यालय पहुंचे।उन्होंने एसडीएम और एसडीओपी से मुलाकात कर मामले की जांच और न्याय की मांग की।ग्रामीणों ने चेतावनी दी “अगर निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।”
धरमजयगढ़ थाना परिसर में काफी देर तक तनाव और गहमा-गहमी का माहौल बना रहा।
सूचना मिलते ही एसडीएम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी।फिलहाल पुलिस ने संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धरमजयगढ़ की यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक सवालों और पारदर्शिता की परीक्षा बन गई है।
ग्रामीण अब इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
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