
धरमजयगढ़ | रायगढ़
भारत सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए नया बीज विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। यह नया विधेयक लगभग छह दशक पुराने बीज अधिनियम 1966 और बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 के स्थान पर लागू किया जाएगा।
कृषि मंत्री के अनुसार, इस नए कानून का उद्देश्य देश में बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और विदेशी बीजों के अनियंत्रित प्रवेश पर रोक लगाना है। इसके तहत अब किसी भी बीज को बाजार में लाने से पहले उसकी कृषि एवं जलवायु परिस्थितियों के अनुसार पूरी जांच और मूल्यांकन किया जाएगा।
जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी
नए विधेयक में घटिया और अमानक बीज बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में जहां इस अपराध पर अधिकतम 500 रुपये तक का जुर्माना था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 30 लाख रुपये तक किया जा रहा है।
जानबूझकर बिक्री पर होगी जेल
यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर घटिया या अमानक बीज बेचता है, जिससे किसानों की फसल को नुकसान या उत्पादन में कमी होती है, तो उस पर जुर्माने के साथ-साथ तीन वर्ष तक की सजा का भी प्रावधान किया गया है।
किसानों को मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि इस नए कानून से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध होंगे, जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी और उनकी आय में सुधार आएगा। साथ ही, नकली और घटिया बीज बेचने वाले कारोबारियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
कृषि क्षेत्र में सुधार की दिशा में कदम
यह नया बीज विधेयक कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल किसानों का भरोसा मजबूत होगा, बल्कि देश की कृषि व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ होगी।
Leave Your Comment