
धरमजयगढ़ - नगर पंचायत से लगा धरमजयगढ़ बस स्टैण्ड अ व्यास्थित को निर्माण कर व्यवस्थित करने डी. एम. ए. फण्ड से स्थानीय प्रमुख जनप्रतिनिधियों की पहल पर लगभग एक करोड़ रुपये स्वीकृत कराया गया था । नगरीय क्षेत्र में बस स्टैण्ड स्थापित होने के कारण उपरोक्त फण्ड को नगर पंचायत को आबंटित किया गया था । जिसे नगर पंचायत द्वारा विधिवत टेंडर प्रकाशित कर निविदा आमंत्रित किया गया था । पहला टेंडर को नगर पालिका अधिनियम के विरुद्ध निरस्त करते हुए द्वितीय निविदा आमंत्रित किया गया जिसे खोला नहीं गया तथा तृतीय निविदा आमंत्रण कर नियम विरुद्ध व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने एक ही निविदा को ओपन किया गया, शिकायत होने पर उक्त निविदा की कार्य देश देने अभी रोक दिया है ।
रायगढ़ जिले भर के सभी बस स्टैण्डो में से धरमजयगढ़ बस स्टैण्ड का क्षेत्रफल बड़ा है जो चौपाटी सेंटर बन चुका है तथा बस स्टैण्ड में दुकानदारों द्वारा निर्धारित सीमा से 30 से 40 फीट अतिरिक्त कब्जा किया हुआ है एवं बस स्टैण्ड से लगा हुआ अपेक्स बैंक में किसनो की बेताहाशा भीड़ होने के कारण बसों की आवागमन में भारी असुविधा होती, किसी भी समय दुर्घटना घट सकता है ।
बस स्टैण्ड का क्रांकीटीकरण 18 वर्ष पूर्ण कराया गया था लम्ब समय होने के कारण क्रांकीटीकरण में कहीं-कहीं गड़ठा हो गया जिस कारण स्थानीय भाजपा के प्रमुखों के द्वारा वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी जी से निवेदन कर बस स्टैण्ड की डामरीकरण, चौपाटी वालों की सेड निर्माण, प्रतीक्षालय एवं प्रवेश द्वार निर्माण करने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये स्वीकृत कराया गया जिसे नगर पंचायत द्वारा ऑनलाइन प्रथम निविदा 01/09/2025 को आमंत्रित किया गया था । परिषद के प्रमुख के द्वारा आपसी द्वेष एक व्यक्ति को लाभ के उद्देश्य प्राप्त निविदा की कम दर को अस्वीकृत करा दिया चूँकि इन्हें स्वीकृत अस्वीकृत का अधिकार नहीं है ।
दूसरी निविदा विभाग द्वारा 29/10/2025 को आमंत्रित कर निविदा खोला नहीं गया तथा तृतीय निविदा 17/12/25 आमंत्रित कर अपने स्वार्थ पूर्ति व व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने में प्रथम निविदा 10%
कम निविदा दर डालने वाले तृतीय निविदा में उस निविदा कार को 10% अधिक दर पर निविदा पास करने के उद्देश्य से परिषद में दर अनुमोदन की प्रत्याशा मे निविदा समिति बिलासपुर से दर स्वीकृत करा लिया गया । तथा अन्य निविदा कार के निविदा न खोलने, एवं निविदा का शर्तों के विरुद्ध निविदाकार को जिलाध्यक्ष, ज्वाइंट डायरेक्टर (बिलासपुर) तथा नगरीय प्रशासन विभाग रायपुर को शिकायत किया, तब जाकर जिलाध्यक्ष व जे. डी. बिलासपुर द्वारा निविदा का संज्ञान लेकर ठेकेदार को कार्यादेश देने सी.एम.ओ को फिलहाल मना किया गया है ।
वर्तमान परिषद का कार्यकाल एक वर्ष पूर्ण होने जा रहा है अब तक वार्ड व नगर बिकास के लिए न राज्य शासन से बजट न ला पाया और न ही निविदा आमंत्रित कर कार्य नहीं करवा पाया । तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयास से D. M. F. फण्ड से एक कार्य स्वीकृत करने के उपरांत भी निविदा अधार पर लटका हुआ है । उक्त कार्य आदि कार्यदेश देकर कराया जाता है तो बीच का बिलो और अधिक का 21 लाख रुपया परिषद से रिकवरी हो सकता हैi तथा निविदा की जॉच होने पर सी.एम.ओ. और उप - अभियंता सस्पेंड हो सकता है । जिस कारण सी. एम. ओ. के द्वारा उक्त निविदा पर अल्पविराम लगा रखा है वही नगर के प्रथम व्यक्ति जो ठेकेदारों का रिंग बनाया था वह भी बेकार हो गया जो की जनता की उम्मीद पर कुठाराघाट किया जा रहा है। धन्य है ट्रिपल इंजन की सरकार I
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